यादों में विनोद दुआ: उनके मुँहफट अन्दाज़ ने किसी दिग्गज को नहीं बख़्शा।
5 Viewsयादों में विनोद दुआ: उनके मुँहफट अन्दाज़ ने किसी दिग्गज को नहीं बख़्शा। विनोद दुआ नहीं रहे। चिन्ना भाभी के पास चले गए। जीवन में साथ रहा। अस्पताल में साथ रहा। तो पीछे अकेले क्यों रहें। उनका परिवार डेरा इस्माइल ख़ान से आया था। मैं उन्हें पंजाबी कहता तो फ़ौरन बात काट कर कहते थे – हम सरायकी हैं, जनाब। दिल्ली शरणार्थी बस्ती से टीवी पत्रकारिता की बुलंदी छूने का सफ़र अपने आप में एक दास्तान है। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई — “जैसी करते थे, करते थे” — के…
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